Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
मां बनना हर महिला के लिठअहमियत रखता है। वैवाहिक जीवन में कदम रखने के बाद हर महिला गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से गà¥à¤œà¤°à¤¨à¤¾ चाहती है। इनमें से कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ à¤à¤¸à¥€ हैं, जो गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के लिठलगातार पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ तो करती हैं, लेकिन सफलता नहीं मिलती। à¤à¤¸à¥‡ में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न कर पाने के कई कारण हो सकते हैं, जिन पर गौर किया जाना जरूरी है। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम आपको गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न हो पाने के कà¥à¤› मà¥à¤–à¥à¤¯ कारणों के बारे में बताà¤à¤‚गे। साथ ही आपको उससे निजात पाने के तरीकों के बारे में à¤à¥€ जानकारी देंगे।
आइà¤, सबसे पहले हम उस सवाल का जवाब जानते हैं, जो गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न कर पाने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में हर महिला के मन में पनपता है।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने के लिठà¤à¤• महिला को कितना समय लगता है?
गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ में लगने वाले समय की बात करें, तो 30 साल से कम उमà¥à¤° की सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ महिला (जिसके सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंग सही ढंग से काम कर रहे हैं) के गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• मासिक चकà¥à¤° के दौरान करीब 25 से 30 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक होती है (1)। वहीं, इसके इतर यह संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ महिला वजन, खानपान, संà¤à¥‹à¤— के समय के आधार पर कम या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकती है। इन संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ आंकड़ों को हम निमà¥à¤¨ बिनà¥à¤¦à¥à¤“ं के जरिठसमà¤à¤¨à¥‡ का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं (2) :
35 साल से कम उमà¥à¤° की 85 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाà¤à¤‚ à¤à¤• साल यानी 12 मासिक चकà¥à¤°à¥‹à¤‚ के अंदर गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ कर सकती हैं।
वहीं, 35 साल से कम उमà¥à¤° की 90 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाà¤à¤‚ à¤à¤¸à¥€ à¤à¥€ हैं, जो à¤à¤• साल का समय पूरा करने के बाद गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ कर पाती हैं।
अगर आपकी उमà¥à¤° 35 से 39 साल के बीच है, तो 12 मासिक चकà¥à¤°à¥‹à¤‚ के दौरान गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ 70 से 75 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ होती है।
40 साल से 42 साल की उमà¥à¤° पार करने वाली महिलाओं में 12 मासिक चकà¥à¤°à¥‹à¤‚ के दौरान गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महज 50 फीसदी ही रह जाता है।
आगे के लेख में हम गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ न हो पाने के कारणों के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से चरà¥à¤šà¤¾ करेंगे।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ नहीं होने के कारण? |
गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न कर पाने के पीछे की वजह के बारे में बात करें, तो कई तरह की चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ जटिलताओं के साथ दैनिक दिनचरà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ इसके लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हो सकती है। इसलिà¤, हम आपको लेख के माधà¥à¤¯à¤® से सामानà¥à¤¯ के साथ-साथ चिकितà¥à¤¸à¤¾ संबंधी कारणों के बारे में à¤à¥€ विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताà¤à¤‚गे।
आम कारण
बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ या बहà¥à¤¤ कम संà¤à¥‹à¤— : कई लोग à¤à¤¸à¤¾ मानते हैं अधिक शारीरिक संबंध बनाने से गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ किया जा सकता है। वहीं, कà¥à¤› इसके लिठकम शारीरिक संबंध बनाने पर जोर देते हैं। उनका मानना होता है कि कम संà¤à¥‹à¤— करने से वीरà¥à¤¯ की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ बरकरार रहती है, जबकि वासà¥à¤¤à¤µ में ये दोनों ही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ महज à¤à¤• à¤à¥à¤°à¤® मातà¥à¤° हैं। आइà¤, इन दोनों सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को थोड़ा बारीकी से समà¤à¤¤à¥‡ हैं।
अधिक शारीरिक संबंध- जानकारी के अà¤à¤¾à¤µ के चलते आज कई लोगों में गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ को लेकर बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤•ार के à¤à¥à¤°à¤® पनप गठहैं, जिनमें से à¤à¤• है अधिक शारीरिक संबंध बनाना। आपको जानकार हैरानी होगी कि à¤à¤¸à¤¾ करने से न केवल आप सामानà¥à¤¯ के मà¥à¤•ाबले गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ में पिछड़ जाà¤à¤‚गे, बलà¥à¤•ि आपको कमजोरी, घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦, पेशाब में जलन और चकà¥à¤•र आना जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ सकता है। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• अधिक संà¤à¥‹à¤— करने से पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में वीरà¥à¤¯ की मातà¥à¤°à¤¾ कम हो जाती है, जो गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती है (1) (3)।
बहà¥à¤¤ कम संà¤à¥‹à¤—- कà¥à¤› कम शारीरिक संबंध बनाने पर जोर देते हैं। à¤à¤¸à¥‡ लोग मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से ओवà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ (महिला में अंडों की सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ का समय) के दिनों में ही शारीरिक संबंध बनाने को वरीयता देते हैं, ताकि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ में शत-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ सफलता हासिल हो, जबकि यह सोच à¤à¥€ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ में बाधा पैदा कर सकती है। कारण यह है कि पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• महिला में ओवà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अलग-अलग समय पर शà¥à¤°à¥‚ होती है, जिसका अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ मातà¥à¤° लगाया जा सकता है (4)। à¤à¤¸à¥‡ में यौन सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ की कमी आपको गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के सà¥à¤– से दूर कर सकती है।
तनाव : विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• तनाव गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है (5)। कारण यह है कि मानसिक दबाव आपकी शारीरिक गतिविधियों पर बà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालता है। इस कारण अगर महिला या पà¥à¤°à¥à¤· में से कोई à¤à¤• à¤à¥€ तनाव की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में संà¤à¥‹à¤— करता है, तो वह इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से शामिल नहीं हो पाता। नतीजतन, गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न हो पाने की समसà¥à¤¯à¤¾ से जूà¤à¤¨à¤¾ पड़ता है।
पà¥à¤°à¥à¤· में शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं की कमी : कई बार महिला के गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ में आ रही परेशानी का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण पà¥à¤°à¥à¤· साथी à¤à¥€ हो सकता है। कारण यह है कि जब पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं की संखà¥à¤¯à¤¾ में कमी होती है, तो गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ में समसà¥à¤¯à¤¾ पैदा होती है (5)। इस संबंध के निदान और उपचार के लिठआपको चिकितà¥à¤¸à¤• की सलाह लेनी चाहिà¤à¥¤
संà¤à¥‹à¤— के बाद बाथरूम जाना : कई महिलाओं को संà¤à¥‹à¤— के तà¥à¤‚रत बाद बाथरूम जाने की आदत होती है। वो अपने पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों को अचà¥à¤›à¥€ से साफ करती हैं, लेकिन à¤à¤¸à¤¾ करना गलत है। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, महिलाओं की यह आदत वीरà¥à¤¯ को योनी में ठहरने नहीं देती। इस कारण गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है (6)। इसलिà¤, सलाह दी जाती है कि शारीरिक संबंध बनाने के बाद कà¥à¤› देर तक लेटे रहना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ करने से गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बॠसकती है, लेकिन यहां हम सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कर दें कि इसके पीछे कोई वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ उपलबà¥à¤§ नहीं है।
टाइट अंडर गारमेंटà¥à¤¸ : टाइट अंडर गारमेंट का उपयोग गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में बाधा पैदा कर सकता है। जहां पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में यह आदत शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ और मातà¥à¤°à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने का काम करती है (7), वहीं महिलाओं में इस आदत के कारण योनी संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने का खतरा रहता है (8)। इन दोनों ही परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है।
अनिदà¥à¤°à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ : नींद न आने की समसà¥à¤¯à¤¾ महिला और पà¥à¤°à¥à¤· दोनों को शारीरिक और मानसिक रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। महिलाओं में यह समसà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ चकà¥à¤° पर बà¥à¤°à¤¾ असर डालती है। इस कारण उनमें तनाव के साथ-साथ अनियमित मासिक चकà¥à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ पैदा होती है, जो गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न कर पाने का बड़ा जोखिम कारक है। वहीं, पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में यह समसà¥à¤¯à¤¾ उनकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को कमजोर करने का काम करती है। इस कारण वो संकà¥à¤°à¤®à¤£ (बà¥à¤–ार, फà¥à¤²à¥‚) का आसानी से शिकार हो जाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में उनके शरीर में पैदा होने वाली गरà¥à¤®à¥€ शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं की मातà¥à¤°à¤¾ को कम करने का काम कर सकती है (9)। à¤à¤¸à¥‡ में यह कहा जा सकता है कि महिला और पà¥à¤°à¥à¤· दोनों में अनिदà¥à¤°à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती है।
अनियमित वजन : अनियमित वजन à¤à¥€ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने का काम करता है। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, अगर आपका वजन कम है, तो यह आपकी पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करेगा। कारण यह है कि कम वजन कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ की ओर इशारा करता है। इस कारण महिला ओवà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤Ÿ नहीं कर पाती। फलसà¥à¤µà¤°à¥‚प गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मà¥à¤¶à¥à¤•िल होती है। वहीं, इसके उलट अगर महिला का वजन बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है, तो à¤à¥€ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ काफी कम हो जाती है। चाहे आपका ओवà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ चकà¥à¤° नियमित कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो (10)।
चिकनाई का अधिक उपयोग : शारीरिक संबंध बनाने के दौरान अधिक चिकनाई का उपयोग à¤à¥€ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने का काम कर सकता है। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, बाजार में उपलबà¥à¤§ चिकनाई वाले पदारà¥à¤¥ जैसे – जेल, तेल व कà¥à¤°à¥€à¤® शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं की गतिशीलता पर नकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल सकते हैं। इस कारण निषेचन की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में रà¥à¤•ावट पैदा होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बनी रहती है, लेकिन इस विषय में अà¤à¥€ और शोध की आवशà¥à¤¯à¤•ता है (11)।
नशे की लत : धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨, शराब का सेवन व डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ लेने की आदत गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न कर पाने की बड़ी वजह हो सकती है। माना जाता है कि जहां महिलाओं में यह आदत उनकी पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है, वहीं पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में इस आदत की वजह से उनके शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ और मातà¥à¤°à¤¾ पर असर पड़ता है। इस कारण यह कहा जा सकता है कि नशे की लत महिला और पà¥à¤°à¥à¤· दोनों में बांà¤à¤ªà¤¨ या नपà¥à¤‚सकता के जोखिम कारकों को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ का काम करती है (1) (12)।
पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण : पà¥à¤°à¤¦à¥‚षित वातावरण à¤à¥€ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में बाधा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने का कारण बन सकता है। इस संबंध में किठगठशोध में पाया गया है कि वातावरण को पà¥à¤°à¤¦à¥‚षित करने वाले पदारà¥à¤¥ जैसे – विषैले रसायन, कीटनाशक, सिगरेट का धà¥à¤‚आ व पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— आदि पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर बà¥à¤°à¤¾ असर डालते हैं (13)। इस पà¥à¤°à¤•ार, पà¥à¤°à¤¦à¥‚षित वातावरण गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न कर पाने का à¤à¤• कारण हो सकता है।
अधिक उमà¥à¤° : उमà¥à¤° का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होना à¤à¥€ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न कर पाने की à¤à¤• बड़ी वजह हो सकती है। दरअसल, à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि 20 से 35 साल की उमà¥à¤° में महिला गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ कर पाने में सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सकà¥à¤·à¤® होती है। वहीं, जैसे-जैसे उमà¥à¤° बà¥à¤¤à¥€ है पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से उसकी पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ घटने लगती है। à¤à¤¸à¥‡ में अगर आपकी उमà¥à¤° 40 से अधिक है, तो गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में परेशानी हो सकती है (1)।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® : कई महिलाà¤à¤‚ अपने शरीर को फिट रखने के लिठवà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना पसंद करती हैं। बेशक, यह सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठअचà¥à¤›à¤¾ है, लेकिन कहते हैं न कि किसी à¤à¥€ चीज की अति हमेशा बà¥à¤°à¥€ होती है। यह बात वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® पर à¤à¥€ लागू होती है। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने वाली महिलाओं में पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अनà¥à¤¯ के मà¥à¤•ाबले कम हो सकती है (1)।
सà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤«à¥‹à¤¨ रखना : आज के समय में सà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤«à¥‹à¤¨ और मोबाइल लोगों के जीवन का à¤à¤• अहम हिसà¥à¤¸à¤¾ है, लेकिन à¤à¤¸à¤¾ करना आपके शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं की मातà¥à¤°à¤¾ को काफी हद तक नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, मोबाइल फोन से रेडिà¤à¤¶à¤¨ निकलता रहता है, जो शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाता है। à¤à¤¸à¥‡ में अगर आपके पति à¤à¥€ सà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤«à¥‹à¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं, तो हो सकता है कि आपके गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न कर पाने की वजह उनका सà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤«à¥‹à¤¨ ही हो (14)।
बिसफिनोल ठ(बीपीà¤) : शरीर में बिसफिनोल ठयानी बीपीठकी उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ à¤à¥€ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न कर पाने का à¤à¤• कारण हो सकती है। बता दें कि यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ ततà¥à¤µ है, जो खासकर पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में पाया जाता है। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• महिलाओं में इस ततà¥à¤µ की अधिक मातà¥à¤°à¤¾ उनकी पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर बà¥à¤°à¤¾ असर डालती है। कà¥à¤› मामलों में यह ततà¥à¤µ बांà¤à¤ªà¤¨ का कारण à¤à¥€ बन सकता है (15)।
मेडिकल कारण
सामानà¥à¤¯ रूप से साल à¤à¤° पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करने के बाद à¤à¥€ अगर आपको सफलता हासिल नहीं होती है, तो तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें। कारण यह है कि गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न कर पाने के कà¥à¤› मेडिकल कारण à¤à¥€ हो सकते हैं। यहां हम आपको कà¥à¤› जरूरी मेडिकल कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं।
अनियमित मासिक चकà¥à¤° : जिन महिलाओं को अनियमित मासिक चकà¥à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ रहती है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अनियमित ओवà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ का सामना करना पड़ता है। इस कारण उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में अधिक समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। जो महिला जितना कम ओवà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤Ÿ करेगी उसके गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ उतनी ही कम होगी (16)।
à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ : यह महिलाओं से संबंधी à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ विकार है, जो सीधे तौर पर उनकी पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बाधित करता है। कारण यह है कि इस समसà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤² कोशिकाà¤à¤‚ (गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की कोशिकाà¤à¤‚) गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से बाहर की ओर बà¥à¤¨à¥‡ लगती हैं, जो फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में रà¥à¤•ावट का कारण बनती है। इस कारण शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ और महिलाओं के सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ अंडों का मिलन नहीं हो पाता। इस समसà¥à¤¯à¤¾ में महिलाओं को बार-बार पेशाब महसूस होना, संà¤à¥‹à¤— के दौरान दरà¥à¤¦, मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— में परेशानी जैसे लकà¥à¤·à¤£ महसूस होते हैं (17)।
ओवà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ : कई महिलाओं में गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न कर पाने का कारण ओवà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। माना जाता है कि कà¥à¤› खास आदतों, सरà¥à¤œà¤°à¥€ या फिर हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² समसà¥à¤¯à¤¾ की वजह से महिलाओं में ओवà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ से संबंधित परेशानी पैदा होती है। जो पूरà¥à¤£ रूप से बांà¤à¤ªà¤¨ या गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल का कारण बनती है (18)।
पॉलीसिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ओवरी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (PCOS) : यह विकार महिलाओं में असंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के कारण होता है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ के कारण ओवà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है। चूंकि ओवà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के लिठअतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• जरूरी होती है। इस कारण पॉलीसिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ओवरी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ में à¤à¤• बड़ी बाधा का काम करता है (19)।
फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में रà¥à¤•ावट : फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में रà¥à¤•ावट गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न कर पाने का à¤à¤• बड़ा कारण होता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में निषेचन की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ यानी सकà¥à¤°à¥€à¤¯ अंडों का शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं से मिलन नहीं हो पाता। यह समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸, संकà¥à¤°à¤®à¤£ या अनियमित मासिक चकà¥à¤° के कारण पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंग में आने वाली सूजन की वजह से पैदा हो सकती है (16)।
अंडे संबंधी परेशानी : गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अंडों की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करती है। वहीं, महिलाओं में 35 से 40 की उमà¥à¤° पार करने के बात अंडों की मातà¥à¤°à¤¾ और गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ कम होने लगती हैं। वहीं, कà¥à¤› दैनिक आदतें और खानपान à¤à¥€ इस समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° है। इस लिहाज से यह माना जा सकता है कि अगर अंडों की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ खराब होती है, तो इस कारण à¤à¥€ आपको मां बनने में मà¥à¤¶à¥à¤•िलों का सामना करना पड़ सकता है (20)।
पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ की कमी : विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, महिलाओं में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ की कमी गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। कारण यह है कि पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¨ à¤à¤¸à¤¾ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ है, जो महिलाओं में ओवà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होता है। वहीं, इसकी कमी महिलाओं में इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को धीमा करने का काम करती है। à¤à¤¸à¥‡ में महिला गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न कर पाने की जटिलता से à¤à¥‚à¤à¤¤à¥€ है (21)।
सरà¥à¤µà¤¿à¤•ल मà¥à¤¯à¥‚कस की समसà¥à¤¯à¤¾ : सरà¥à¤µà¤¿à¤•ल मà¥à¤¯à¥‚कस à¤à¤• चिपचिपा पदारà¥à¤¥ है, जो संà¤à¥‹à¤— के दौरान महिला की योनी में बनता है। गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ कि पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में यह शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं को अंदर आने में मदद करता है, लेकिन संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण मà¥à¤¯à¥‚कस गाà¥à¤¾ हो जाता है। इस कारण यह शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं को आगे बà¥à¤¨à¥‡ से रोकता है और गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में परेशानी होती है (22)।
शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ : गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के लिठपà¥à¤°à¥à¤· के शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ और मातà¥à¤°à¤¾ का होना à¤à¥€ अनिवारà¥à¤¯ होता है। कà¥à¤› पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ की मातà¥à¤°à¤¾ व गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ कम होती है। à¤à¤¸à¥‡ पà¥à¤°à¥à¤· को नपà¥à¤‚सकता की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में गिना जाता है। इसका मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ असंतà¥à¤²à¤¨ माना जाता है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में महिला साथी का गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करना नामà¥à¤®à¤•िन होता है (23)।
थायराइड की समसà¥à¤¯à¤¾ : विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• थायराइड की समसà¥à¤¯à¤¾ के कारण à¤à¥€ महिलाओं को गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में मà¥à¤¶à¥à¤•िलों का सामना करना पड़ता है। कारण यह है कि थायराइड की समसà¥à¤¯à¤¾ महिला में मासिक चकà¥à¤° अनियमितता और ओवà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है, जो बांà¤à¤ªà¤¨ के जोखिम कारक हैं। à¤à¤¸à¥‡ में यह कहा जा सकता है कि थायराइड से पीड़ित महिलाओं को गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने के लिठअधिक जटिलताओं का सामना करना पड़ता है (24)।
वीरà¥à¤¯ नली में रà¥à¤•ावट : वीरà¥à¤¯ नली में रà¥à¤•ावट à¤à¥€ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की समसà¥à¤¯à¤¾ का à¤à¤• बड़ा कारण हो सकती है। दरअसल यह नली पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के वीरà¥à¤¯ में शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं के मिलाने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का मà¥à¤–à¥à¤¯ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। इसमें रà¥à¤•ावट आ जाने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में वीरà¥à¤¯ तो निकलता है, लेकिन उनमें शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ मौजूद नहीं होते। वहीं, गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ महिला के सकà¥à¤°à¥€à¤¯ अंडों और शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं के मिलन से ही पूरà¥à¤£ होती है, इसलिठगरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न कर पाने का यह à¤à¤• बड़ा कारण है। वीरà¥à¤¯ नली में रà¥à¤•ावट के कई कारण हो सकते हैं जैसे – गोनोरिया और कà¥à¤²à¥‡à¤®à¤¾à¤‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ (पà¥à¤°à¥à¤· जननांग संबधी संकà¥à¤°à¤®à¤£) या गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾à¤‚ग में किसी पà¥à¤°à¤•ार की अंदरà¥à¤¨à¥€ चोट के कारण (25)।
अनà¥à¤¯ कारण
असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¥€à¤•ृत बांà¤à¤ªà¤¨â€“ यह à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ है, जिसमें महिला किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की कोई समसà¥à¤¯à¤¾ न होने के बावजूद गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में असमरà¥à¤¥ रहती है। इस संबंध में की गई जांच में à¤à¥€ किसी पà¥à¤–à¥à¤¤à¤¾ समसà¥à¤¯à¤¾ का पता नहीं चला है। कà¥à¤› शोध में पाया गया है कि बांà¤à¤ªà¤¨ की इस अवसà¥à¤¥à¤¾ से पीड़ित लोगों ने विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के सà¥à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ के साथ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ में सफलता हासिल की है (26)।
संयोजन बांà¤à¤ªà¤¨- बांà¤à¤ªà¤¨ की वह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जिसमें महिला और पà¥à¤°à¥à¤· दोनों बांà¤à¤ªà¤¨/नपà¥à¤‚सकता के विकार से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हों। à¤à¤¸à¥‡ में गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के लिठइलाज के दौरान दोनों साथियों को जांच की सलाह दी जाती है (27)।
गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न कर पाने के सà¤à¥€ कारणों को जानने के बाद हम बात करेंगे इस समसà¥à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट न होने की समसà¥à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट न हो पाने की समसà¥à¤¯à¤¾ का à¤à¤• मातà¥à¤° लकà¥à¤·à¤£ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ का न होना है। इसे कà¥à¤› इस तरह से समà¤à¤¾ जा सकता है कि अगर आपका मासिक चकà¥à¤° अनियमित (35 दिन से अधिक या 21 दिन से कम) या अनà¥à¤ªà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ हो, तो इसका मतलब यह है कि आप ओवà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤Ÿ नहीं कर रही हैं। इसे गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न कर पाने की समसà¥à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ के तौर पर देखा जा सकता है (16)।
आगे के लेख में हम पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट न होने की समसà¥à¤¯à¤¾ के इलाज के बारे में जानेंगे।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट न होने की समसà¥à¤¯à¤¾ का इलाज
गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न कर पाने की समसà¥à¤¯à¤¾ का उपचार करने के लिठहम नीचे दिठगठसà¥à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ को अपना सकते हैं (1)।
अपनी समसà¥à¤¯à¤¾ और सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के बारे में चिकितà¥à¤¸à¤• से परामरà¥à¤¶ करें।
संकà¥à¤°à¤®à¤£ संबंधी विकारों का उपचार करवाà¤à¤‚।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से अंडाशय में अंडे की सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ व गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ वाली दवाइयों का उपयोग कर सकते हैं।
सबसे बेहतरीन फरà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² दिनों की गणना कर ओवà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ से ठीक पहले और उसके दौरान तीन दिन लगातार गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के लिठपà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
अगर तमाम तरह के उपचार से à¤à¥€ फायदा नहीं हो रहा है, तो चिकितà¥à¤¸à¤• की सलाह पर अंतरà¥à¤—रà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ (Intrauterine insemination) और इन विटà¥à¤°à¥‹ निषेचन (In vitro fertilisation) जैसे पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ उपचार का सहारा लिया जा सकता है।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
कà¥à¤¯à¤¾ आप महीने के किसी à¤à¥€ समय गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हो सकती हैं?
महीने में किसी à¤à¥€ समय गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करना संà¤à¤µ नहीं है। कारण यह है कि इसके लिठमहिला का ओवà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤Ÿ करना बहà¥à¤¤ जरूरी है। ओवà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ से तीन-चार पहले और उसके दौरान गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के लिठबेहतर माने जाते हैं (1)।
मैं दूसरी बार गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ नहीं हो रही हूं?
दूसरी बार गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ न हो पाने की समसà¥à¤¯à¤¾ के कà¥à¤› आम कारण हो सकते हैं। जैसे – आपकी या आपके साथी की उमà¥à¤° अधिक हो गई हो, जिस कारण पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंग ठीक से काम न कर पा रहे हों, कई बार गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ à¤à¥€ इसकी वजह हो सकता है या फिर à¤à¥à¤°à¥‚ण विकास संबंधी कोई विकार इसका कारण हो सकता है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिठचिकितà¥à¤¸à¤• से संपरà¥à¤• करें (28)।
कà¥à¤¯à¤¾ नियमित मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° होने का मतलब है, मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ सही है?
साधारण तौर पर नियमित मासिक चकà¥à¤° सही पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ का इशारा देता है, लेकिन कà¥à¤› मामलों में अंडों की सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ में कमी या उनसे संबंधित कोई अनà¥à¤¯ विकार à¤à¥€ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ में समसà¥à¤¯à¤¾ पैदा कर सकता है (20)।
अब तो आप गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न कर पाने की समसà¥à¤¯à¤¾ के बारे में अचà¥à¤›à¥‡ से जान ही गठहोंगे। साथ ही आपको यह à¤à¥€ पता चल गया होगा कि किन-किन जोखिम कारकों के कारण यह समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। साथ ही लेख के माधà¥à¤¯à¤® से हमने आपको इस समसà¥à¤¯à¤¾ के निदान और उपचार से संबधित जानकारी à¤à¥€ विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ रूप से दी है। à¤à¤¸à¥‡ में आप या आपकी कोई à¤à¥€ परिचित इस समसà¥à¤¯à¤¾ से गà¥à¤œà¤° रही हो, तो यह लेख आपकी परेशानी को काफी हद तक कम करने में मदद कर सकता है। इस संबंध में किसी अनà¥à¤¯ सà¥à¤à¤¾à¤µ या जानकारी के लिठआप नीचे दिठगठकमेंट बॉकà¥à¤¸ के माधà¥à¤¯à¤® से आप हमसे जà¥à¥œ सकते हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |